2026 में भारत की UNESCO Tentative List में 5 नए स्थल शामिल किए गए हैं, जिससे देश में सूचीबद्ध स्थलों की कुल संख्या 78 हो गई है। इन नए स्थलों में मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों के साथ महात्मा गांधी के सत्याग्रह आंदोलन से जुड़ा एक अंतरराष्ट्रीय नामांकन भी शामिल है।
UNESCO World Heritage Centre की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इन पांचों स्थलों को उनके ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और स्थापत्य महत्व के आधार पर Tentative List में शामिल किया गया है।
चंबल घाटी के मंदिर समूह में मध्य प्रदेश के Bateshwar, Padavali और Kakarmath के मंदिर शामिल हैं। 8वीं से 11वीं शताब्दी के बीच निर्मित ये मंदिर क्षेत्रीय नागर शैली की स्थापत्य कला के विकास के महत्वपूर्ण चरण को दर्शाते हैं।
बाघ गुफा चित्रकलाएं मध्य प्रदेश में स्थित नौ शैल-कट बौद्ध गुफाओं का समूह हैं, जिनका उपयोग मुख्य रूप से 4वीं से 6वीं शताब्दी के बीच हुआ। यहां की भित्ति चित्रकलाएं अजंता के बाद की बौद्ध गुफा चित्रकला के महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जाती हैं।
उदयगिरि गुफाएं गुप्तकालीन शैल-कट धार्मिक परिसर हैं, जिसमें 20 गुफाएं, मूर्तियां और अभिलेख शामिल हैं। इनमें गुफा 5 की प्रसिद्ध वराह प्रतिमा और गुफा 13 में अनंतशयन विष्णु प्रमुख हैं।
गिन्नौरगढ़ किला 16वीं से 18वीं शताब्दी के शुरुआती दौर तक गोंड साम्राज्य का एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और प्रशासनिक केंद्र था। किले में महल, बावड़ियां, जलाशय, दीवारों पर चित्रकारी और पारंपरिक जल प्रबंधन प्रणाली के अवशेष मौजूद हैं।
Sites of Satyagraha भारत और दक्षिण अफ्रीका में स्थित नौ संपत्तियों को शामिल करने वाला एक अंतरराष्ट्रीय नामांकन है। इसमें साबरमती आश्रम, मणि भवन, सेवाग्राम आश्रम और फीनिक्स सेटलमेंट जैसे स्थल शामिल हैं, जो महात्मा गांधी के सत्याग्रह आंदोलन के उद्भव और विकास से जुड़े हैं।
