एचआईडीएम (हिसार इंस्टीट्यूट ऑफ डिजिटल मार्केटिंग) द्वारा “एआई एंड कंज्यूमर साइकोलॉजी इन मार्केटिंग” विषय पर एक ज्ञानवर्धक सेमिनार का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में डिजिटल मार्केटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और कंज्यूमर साइकोलॉजी के बदलते स्वरूप पर विस्तृत चर्चा की गई। सेमिनार में विद्यार्थियों एवं डिजिटल मार्केटिंग में रुचि रखने वाले प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम की मेजबानी एचआईडीएम के छात्र ईशांत खन्ना ने की वहीं, सेमिनार के मेंटर मनमोहन सिंगला रहे, जो एक अनुभवी डिजिटल मार्केटिंग कोच, ट्रेनर एवं पूर्व माइक्रोसॉफ्ट प्रोफेशनल हैं।उन्होंने एआई के वर्तमान और भविष्य के प्रभावों को सरल एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया।
सेमिनार के दौरान निम्नलिखित विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई:
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) क्या है और इसका विकास
- कंज्यूमर साइकोलॉजी की मूल अवधारणा
- एआई किस प्रकार कंज्यूमर्स के व्यवहार और पसंद को समझता है
- मार्केटिंग में साइकोलॉजी की महत्वपूर्ण भूमिका
- भविष्य में एआई के कारण कंज्यूमर बिहेवियर में होने वाले बदलाव
- वास्तविक केस स्टडी के माध्यम से एआई आधारित मार्केटिंग स्ट्रेटेजीज का विश्लेषण
अपने संबोधन में मनमोहन सिंगला ने कहा कि आज के डिजिटल युग में एआई केवल एक टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि बिजनेस के लिए कस्टमर्स को बेहतर ढंग से समझने और पर्सनलाइज्ड एक्सपीरियंस प्रदान करने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। उन्होंने विद्यार्थियों को नई टेक्नोलॉजी सीखने और अपने स्किल्स को निरंतर विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने क्वेश्चन आंसर सेशन में सक्रिय भागीदारी की और एआई एवं डिजिटल मार्केटिंग से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने प्रश्न पूछे। सेमिनार को उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताया।
एचआईडीएम प्रबंधन ने कहा कि संस्थान भविष्य में भी विद्यार्थियों के स्किल डेवलपमेंट एवं इंडस्ट्री की नवीनतम टेक्नोलॉजी से परिचित कराने के लिए ऐसे सेमिनार एवं वर्कशॉप्स का आयोजन करता रहेगा।
एचआईडीएम का डिजिटल मार्केटिंग कोर्स का नया बैच 7 जुलाई से शुरू हो रहा है। कोर्स शुरू करने से पहले कोई भी फ्री डेमो क्लास ले सकता है
