सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने स्वच्छता ही सेवा (SHS) 2026 अभियान सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह अभियान 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया गया और स्वच्छ भारत दिवस के अवसर पर संपन्न हुआ। अभियान की थीम ‘स्वच्छता में सबकी भागीदारी; स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ थी।
मंत्रालय ने अपनी मीडिया इकाइयों और क्षेत्रीय कार्यालयों के साथ मिलकर देशभर में 4,710 गतिविधियों का आयोजन किया। निर्धारित लक्ष्य 2,943 गतिविधियों का था, जिसके मुकाबले 160% लक्ष्य हासिल किया गया। इन गतिविधियों में कुल 74,483 लोगों ने भाग लिया।
स्वच्छता गतिविधियां और जनभागीदारी
अभियान के तहत स्वच्छता और सार्वजनिक भागीदारी से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। ‘क्लीनलिनेस टारगेट यूनिट्स (CTUs) और स्वच्छ सार्वजनिक स्थलों का रूपांतरण’ पहल के अंतर्गत कठिन और अधिक आवाजाही वाले सार्वजनिक स्थानों की पहचान की गई। इन स्थानों को चिह्नित कर निर्धारित समयसीमा में साफ किया गया। इस पहल के तहत कुल 2,864 CTUs का रूपांतरण किया गया और सार्वजनिक स्थलों की सफाई की गई।
अभियान का उद्देश्य ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 (Solid Waste Management Rules, 2026) के प्रति जागरूकता बढ़ाना, युवाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करना और स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी को मजबूत करना भी था।
स्वच्छता अभियान में छात्रों और युवाओं की भागीदारी
‘स्वच्छ पाठशाला: युवा फॉर स्वच्छता’ पहल के तहत छात्रों और युवाओं को स्वच्छता संबंधी गतिविधियों से जोड़ा गया। इनमें ‘स्वच्छता ज्ञान यात्रा’, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन सुविधाओं का भ्रमण और ‘स्वच्छता एवं जल संचय संवाद’ जैसी गतिविधियां शामिल थीं।
इन कार्यक्रमों में स्वच्छता, वर्षा जल संचयन और जल प्रबंधन पर चर्चा की गई। इस पहल के अंतर्गत कुल 219 कार्यक्रम आयोजित किए गए।
अभियान के दौरान केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण, रेल और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 1 अक्टूबर को तीनों मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता को केवल एक अभियान तक सीमित न रखकर दैनिक जीवन और कार्यशैली की स्थायी आदत बनाना चाहिए।
