रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 6 अक्टूबर 2026 को विशाखापत्तनम स्थित हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL) में भारतीय नौसेना के पहले स्वदेशी रूप से निर्मित फ्लीट सपोर्ट शिप (FSS-1) ‘INS Surya’ को लॉन्च किया। उन्होंने पांचवें फ्लीट सपोर्ट शिप (FSS-5) की कील भी रखी और अपग्रेड किए गए Slipway-4 तथा 300 टन के Goliath Crane का उद्घाटन किया।
नौसेना की परिचालन क्षमता को मजबूत करेंगे फ्लीट सपोर्ट शिप
HSL एक ही कॉन्ट्रैक्ट के तहत भारतीय नौसेना के लिए पांच फ्लीट सपोर्ट शिप बना रहा है। प्रत्येक जहाज का विस्थापन करीब 43,500 टन है और इनमें लगभग 82% स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। ये जहाज समुद्र में नौसेना के युद्धपोतों को ईंधन और जरूरी सामान उपलब्ध कराने के लिए बनाए गए हैं, जिससे वे लंबे समय तक समुद्र में तैनात रह सकेंगे।
‘INS Surya’ की लंबाई करीब 223.6 मीटर और चौड़ाई 31.5 मीटर है। यह लगभग 20 नॉट की गति से चल सकता है और करीब 60 दिनों तक के मिशन के लिए तैयार किया गया है। जहाज में ईंधन, ताजा पानी, गोला-बारूद और अन्य जरूरी सामान रखने की क्षमता के साथ रखरखाव सुविधाएं, हेलीकॉप्टर डेक और आत्मरक्षा प्रणालियां भी मौजूद हैं।
HSL में शिपबिल्डिंग सुविधाओं का विस्तार
अपग्रेड किए गए 235 मीटर लंबे Slipway-4 और नए 300 टन के Goliath Crane की मदद से HSL अब 45,000 DWT तक के जहाजों का निर्माण और लॉन्च कर सकेगा। इससे बड़े और अधिक जटिल जहाज निर्माण कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
फ्लीट सपोर्ट शिप कार्यक्रम से भारतीय नौसेना की परिचालन क्षमता, समुद्री पहुंच और ब्लू-वॉटर क्षमता को मजबूत करने में मदद मिलेगी, खासकर हिंद महासागर क्षेत्र में लंबे समय तक चलने वाले अभियानों के दौरान।
