अंतरराष्ट्रीय तटीय सफाई दिवस (International Coastal Cleanup Day) 19 सितंबर 2026 को मनाए जाने से एक दिन पहले, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 18 सितंबर को मुंबई के जुहू बीच पर तटीय सफाई अभियान में हिस्सा लिया। यह अभियान ‘स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर 5.0’ के पांचवें संस्करण के तहत आयोजित किया गया। इस अभियान में छात्रों, खिलाड़ियों, युवा स्टार्टअप्स, विज्ञान शोधकर्ताओं, केंद्र और महाराष्ट्र सरकार के अधिकारियों, भारतीय तटरक्षक बल के जवानों, नागरिकों और स्वयंसेवकों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य समुद्री प्रदूषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और भारत के तटीय एवं समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देना था।
मुंबई के लोगों ने भी स्वच्छ तट के लिए इस अभियान में भागीदारी की और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर के तहत समुद्र तट की सफाई की। तट की सफाई के साथ प्रतिभागियों ने सामूहिक शपथ भी ली और समुद्र तटों व समुद्र को स्वच्छ, सुरक्षित और टिकाऊ बनाए रखने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस अभियान ने भारत की 11,000 किलोमीटर से अधिक लंबी तटरेखा की सुरक्षा में जनभागीदारी के महत्व को भी रेखांकित किया।

जुहू बीच का यह कार्यक्रम देशभर में चल रहे व्यापक अभियान का हिस्सा था, जिसमें नागरिकों, छात्रों, युवाओं, तटीय समुदायों, वैज्ञानिक संस्थानों, सरकारी एजेंसियों और स्वयंसेवकों को एक साथ जोड़ा जा रहा है।
स्वच्छ सागर सुरक्षित सागर 5.0 का पांचवां संस्करण
2026 का संस्करण स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर अभियान का पांचवां संस्करण है। यह राष्ट्रव्यापी अभियान 12 सितंबर से 19 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है और इसका समापन अंतरराष्ट्रीय तटीय सफाई दिवस के अवसर पर हो रहा है।
2022 में शुरुआत के बाद से यह अभियान तटीय स्वच्छता, समुद्री प्रदूषण के प्रति जागरूकता, जिम्मेदार कचरा प्रबंधन और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण पर केंद्रित एक व्यापक जनभागीदारी अभियान के रूप में विकसित हुआ है। छात्रों, गैर-सरकारी संगठनों (NGOs), स्थानीय समुदायों, युवा समूहों और स्वयंसेवकों ने इसके विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
अभियान की सामग्री के अनुसार, 2025 में 39 टन कचरा एकत्र किया गया था, जिसमें लगभग 17 टन प्लास्टिक शामिल था।
समुद्र तट की सफाई से अंडरवॉटर कंजर्वेशन तक
2026 के अभियान में संरक्षण के प्रयासों को समुद्र के अंदर तक ले जाया गया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के स्वराज द्वीप में स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर 5.0 के तहत अंडरवॉटर क्लीनिंग प्रोग्राम आयोजित किया गया।

इस अंडरवॉटर सफाई अभियान में गोताखोरों ने हिस्सा लिया, जिससे यह संदेश सामने आया कि समुद्री कचरे से निपटने के लिए केवल समुद्र तटों की सफाई ही नहीं, बल्कि समुद्र की सतह के नीचे मौजूद कचरे को हटाना भी जरूरी है। यह गतिविधि समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा और भारत के समुद्रों को स्वच्छ रखने के अभियान के व्यापक उद्देश्य को दर्शाती है।
स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर अभियान जनजागरूकता, कचरे में कमी, जिम्मेदार कचरा निपटान और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देता है। अभियान लोगों को सिंगल-यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने, कचरे को उचित तरीके से अलग करने और अधिक टिकाऊ जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित करता है।
यह पहल भारत के डीप ओशन मिशन के व्यापक उद्देश्यों से भी जुड़ी है, जिसमें समुद्री संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग और संरक्षण पर जोर दिया गया है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने 2026 के इस अभियान को समुद्री संरक्षण के इसी व्यापक दृष्टिकोण से जोड़ा है।
