हिसार इंस्टीट्यूट ऑफ डिजिटल मार्केटिंग (HiDM) के Student Activity Program (SAP) के तहत “Psychology Behind Social Media Marketing” विषय पर एक ज्ञानवर्धक सेमिनार का सफल आयोजन किया गया। सेमिनार का आयोजन 7 अगस्त 2026 को दोपहर 2 बजे HiDM परिसर, हिसार में किया गया।
सेमिनार का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सोशल मीडिया मार्केटिंग के पीछे काम करने वाले मनोवैज्ञानिक पहलुओं और उपभोक्ताओं के व्यवहार को समझाना रहा। कार्यक्रम में बताया गया कि सोशल मीडिया पर किसी कंटेंट, विज्ञापन या ब्रांड के प्रति उपभोक्ताओं की प्रतिक्रिया केवल जानकारी पर निर्भर नहीं करती, बल्कि भावनाओं, जरूरतों, पसंद और मनोवैज्ञानिक प्रभावों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।


कार्यक्रम के दौरान सोशल मीडिया की साइकोलॉजी पर विस्तार से चर्चा की गई। विद्यार्थियों को समझाया गया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यूजर्स किस प्रकार कंटेंट से जुड़ते हैं और कौन-से कारक उन्हें किसी पोस्ट, विज्ञापन या ब्रांड की ओर आकर्षित करते हैं।
सेमिनार का एक महत्वपूर्ण विषय AI’s Role in Smarter Social Media Marketing रहा। विद्यार्थियों को बताया गया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से सोशल मीडिया मार्केटिंग को अधिक स्मार्ट और प्रभावी बनाया जा सकता है। AI के माध्यम से कंटेंट तैयार करने, ऑडियंस को समझने, पर्सनलाइजेशन और मार्केटिंग रणनीतियों को बेहतर बनाने जैसे पहलुओं पर भी चर्चा की गई।
कार्यक्रम के दौरान Key Insights, Findings & Future Trends पर भी विद्यार्थियों के साथ चर्चा की गई। बदलते डिजिटल दौर में सोशल मीडिया मार्केटिंग के नए ट्रेंड्स और उपभोक्ताओं के बदलते व्यवहार को समझने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया।
सेमिनार में Neetu, BBA Student, ने होस्ट की भूमिका निभाई। वहीं Er. Manmohan Singla ने मेंटर के रूप में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने सोशल मीडिया मार्केटिंग में उपभोक्ता मनोविज्ञान की भूमिका और आधुनिक AI टूल्स के प्रभावी उपयोग से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को समझाया।
कार्यक्रम का सफल आयोजन विद्यार्थियों के लिए एक उपयोगी और ज्ञानवर्धक अनुभव रहा। इस सेमिनार ने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया मार्केटिंग, उपभोक्ता मनोविज्ञान, मार्केटिंग ट्रिगर्स और AI आधारित डिजिटल मार्केटिंग के आधुनिक पहलुओं की बेहतर समझ प्रदान की। HiDM द्वारा आयोजित इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों को व्यावहारिक एवं इंडस्ट्री-ओरिएंटेड डिजिटल मार्केटिंग कौशल विकसित करने में मदद करती हैं।
